BHMS Full Form in Medical- Course Details in Hindi

BHMS Full Form in Hindi: दोस्तों अगर आपने 12 वीं पास कर ली है और Homeopathy के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो आज का यह लेख आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। लेख में  BHMS Course के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी गई है। जो एक होमियोपैथी डॉक्टर बनने के लिए एक ख़ास कोर्स है।

इस कोर्स के फायदे, कोर्स की फीस, कोर्स करने के लिए कॉलेज, कोर्स करने के बाद कैरियर का स्कोप आदि के बारे में इस लेख में विस्तार से चर्चा की गई है, जिससे आपको अपने कैरियर का चुनाव करने में परेशानी न हो। तो आइए जानते हैं BHMS Course को विस्तार से।

What is BHMS Course Details in Hindi- BHMS Kya Hota Hai

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BHMS Course Hindi: Image Created at Canva

हर एक विद्यार्थियों को पढ़ाई करके एक अच्छे कैरियर की तलाश होती है। बेहतर कैरियर के विकल्पों में से डॉक्टर बनना एक अच्छा विकल्प होता है। इसके लिए विद्यार्थियों को स्पेशल कोर्स करने की जरूरत पढ़ती है।

वैसे तो डॉक्टर कई तरह के होते हैं इसलिए इनके लिए कोर्स भी अलग अलग होते हैं। मुख्य रूप से डॉक्टर 3 प्रकार के होते हैं। एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होमियोपैथिक। आज हम आपको Homeopathic Doctor Kaise Bane, इसके बारे में बताएँगे।

BHMS Full Form in Medical

BHMS Course, डॉक्टर बनने का एक मुख्य कोर्स है। यह कोर्स करने के बाद ही छात्र होम्योपैथिक डॉक्टर बन पाते हैं। आगे बढ़ने से पहले इसकी फुल फॉर्म के बारे में जान लेते हैं।

  • BHMS का Full Form, Bachelor of Homeopathic Medicine & Surgery होता है जिसे हम हिंदी में बैचलर ऑफ़ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी यानी कि होम्योपैथिक दवाओं और सर्जरी में स्नातक कहते हैं।

जैसा कि नाम से ही बता चल रहा है, यह एक बैचलर डिग्री कोर्स है। आज की तारीख में चिकित्सा के क्षेत्र में बी एच एम एस कोर्स काफी ज्यादा पॉपुलर चल रहा है।

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बी एच एम एस कोर्स की Duration

बी एच एम एस कोर्स को पूरा करने में 5 साल 6 महीने का समय लगता है। छात्रों को इस कोर्स के आखरी 6 महीने या 1 साल में इंटर्नशिप करवाई जाती है। इससे छात्रों को प्रेक्टिकल तरीके से होमियोपैथी चिकित्सा की जानकारी मिल जाती है।

इस पांच साल के कोर्स के दौरान छात्रों को होमियोपैथिक दवाइयों से लेकर मरीज़ के इलाज करने तक सारी शिक्षा दी जाती है। बी एच एम एस कोर्स की ख़ास बात यह है कि होमियोपैथिक दवाइयों का कभी भी मरीज पर साइड इफेक्ट्स नहीं होती है। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग होमियोपैथिक दवाइयों का सेवन करना पसंद करते हैं।

ज्यादातर छात्र, होमियोपैथिक डॉक्टर बनने में ही रुचि दिखाते हैं, क्योंकि इसमें मरीज को बिना किसी ऑपरेशन या चीर फाड़ के इलाज किया जाता है।

बी एच एम एस कोर्स के फायदे

बी एच एम एस कोर्स करने के बाद स्टूडेंट को कई प्रकार के फायदे होते हैं जो इस प्रकार हैं:

  • बी एच एम एस कोर्स करने के बाद छात्रों की, सरकारी एवं प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में डॉक्टर की जॉब लग सकती है।
  • इस कोर्स के बाद छात्र, अपना खुद का क्लीनिक भी खोल सकते हैं।
  • किसी भी बड़े हॉस्पिटल पर अच्छे वेतन के साथ पोस्टिंग मिल सकती है।
  • बी एच एम एस कोर्स डिग्री धारकों को जॉब के लिए ज्यादा चक्कर करने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • कोर्स के दौरान ही इंटर्नशिप करवाई जाती है।
  • इंटर्नशिप के दौरान ही छात्रों का हुनर और काम के प्रति लगन देखकर उसी हॉस्पिटल या किसी अच्छे हॉस्पिटल में जॉब दे दी जाती है।
  • बी एच एम एस पास डॉक्टरों को अच्छा वेतन मिल जाता है।
  • पैसे के साथ साथ समाज में सम्मान भी मिलता है।

बी एच एम एस कोर्स के लिए योग्यता- Eligibility Criteria

बीएचएमएस कोर्स को करने के लिए स्टूडेंट को कुछ नियम और शर्तों का पालन करना पड़ता है, तभी स्टूडेंट इस कोर्स को करने के योग्य बनते हैं।

छात्रों के पास इस कोर्स के लिए  सभी आवश्यक योग्यतायें होनी चाहिए, तभी वह एक अच्छे होमियोपैथिक डॉक्टर बनकर एक अच्छे कैरियर की शुरुवात कर सकते हैं। बी एच एम एस कोर्स में प्रवेश करने के लिए नियम और शर्तें इस प्रकार हैं:

  • स्टूडेंट के पास किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या स्कूल से 12 वीं पास डिग्री होना अनिवार्य है।
  • 12 वीं कक्षा में विज्ञान के विषय में पास करना अनिवार्य है।
  • विज्ञान में तीनों विषय यानि भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान का होना भी अनिवार्य है।
  • 12 वीं कक्षा में स्टूडेंट को कम से कम 50 प्रतिशत अंकों से पास करना होगा।
  • कुछ सरकारी कॉलेजों या संस्थाओं में 40 प्रतिशत अंकों के साथ भी प्रवेश परीक्षा में शामिल कर दिया जाता है।
  • स्टूडेंट की उम्र कम से कम 17 वर्ष तक होनी चाहिए।

ये सारी अर्हताएं छात्रों के पास होनी चाहिए, तब जाकर स्टूडेंट को बी एच एम एस कोर्स की प्रवेश परीक्षा में शामिल किया जाता है।

बीएचएमएस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा एवं दाखिला

बीएचएमएस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट को इस कोर्स के एंट्रेंस एग्जाम यानि प्रवेश परीक्षा को पास करना पड़ता है। एंट्रेंस एग्जाम में सफल होने के बाद कॉलेज द्वारा एक मेरिट लिस्ट पब्लिश की जाती है।

उस मेरिट लिस्ट में स्टूडेंट का नाम आने पर यूज़ इस कोर्स के लिए एडमिशन दिया जाता है। यह प्रवेश परीक्षा बी एच एम एस कोर्स करवाने वाले कॉलेज या संस्थानों द्वारा आयोजित की जाती है।

बी एच एम एस कोर्स एंट्रेंस एग्जाम के लिए स्टूडेंट, 12 वीं के बाद आवेदन दे सकते हैं। यह आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से दे सकते हैं। आवेदन फॉर्म को भरने के लिए स्टूडेंट को एक छोटी सी फीस देनी पड़ सकती है।

बीएचएमएस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा

भारत में कई सारे कॉलेज हैं जिनमें बी एच एम एस Entrance Exam आयोजित किए जाते हैं। कुछ मुख्य परीक्षाओं के नाम इस तरह हैं:

  • राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)
  • भारती विद्यापीठ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (BVP CET)
  • पंजाब यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (PUCET)
  • इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट- (IPU CET)
  • इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट- (EAMCET)
  • केरल इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर एंड मेडिकल टेस्ट (KEAM)

इसके अलावा भारत में और भी कई सारे अलग अलग कॉलेजों में बीएचएमएस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। आप अपनी सुविधा अनुसार उन कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा में आवेदन दे सकते हैं।

BHMS Course Fees

सरकारी कॉलेजों की फीस लगभग रु. 20,000/- रुपए से लेकर रु. 60,000/- तक प्रति वर्ष होती है। प्राइवेट कॉलेज या निजी संस्थाओं में यही फीस, बढ़कर रु. 50,000/- से लेकर रु. 3,00,000/- तक प्रति वर्ष होती है।

बी एच एम एस यानि की, Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery Course के लिए फीस की अमाउंट हर एक कॉलेज में अलग अलग होती है। सरकारी कॉलेजों या संस्थाओं में प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले कम फीस ली जाती है।

इस कोर्स में एडमिशन लेने से पहले कॉलेज में जाकर कॉलेज द्वारा दी जाने वाली बी एच एम एस कोर्स की सर्टिफिकेट की मान्यताओं और कोर्स की फीस के बारे में पूरी जानकारी कर लेना छात्रों के लिए सही होता है।

बी एच एम एस कोर्स के लिए Top Government College

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पूरे भारत में लगभग हर राज्य में कई सारे सरकारी और प्राइवेट कॉलेज मौजूद हैं जिनमे बीएचएमएस कोर्स की पढ़ाई होती है। भारत के कुछ प्रमुख कॉलेजों के नाम निम्न प्रकार हैं:

  • Government Homeopathic Medical College (Calicut)
  • National Institute of Homeopathy (Kolkata)
  • JSPS Government Homeopathic Medical College (Hyderabad)
  • Dr Allu Ramalingam Government Homeopathic Medical College (Rajahmundry)
  • Gujarat Homeopathic Medical College and Hospital (Baroda)
  • Dr NTR University of Health Science (Vijayawada)
  • Dr Sarvapalli Radhakrishnan Rajasthan Ayurved University

इनके अलावा भी कई सारे कॉलेज हैं जिनमें आप अपनी सुविधा अनुसार एडमिशन ले सकते हैं।

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बी एच एम एस कोर्स का Syllabus और Subjects

सभी छात्रों को बता दें कि बी एच एम एस कोर्स कुल 5.5 साल का होता है जिसमें 4.5 साल तक कॉलेज में ही सारी जानकारी और training दी जाती है।

इसके बाद अंतिम बचे 1 साल में किसी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाता है। बी एच एम एस कोर्स के 4 साल का सिलेबस निम्न प्रकार है:

पहला वर्ष

  • Principal of Homeopathic
  • Homeopathic Materia Medica
  • Homeopathic Pharmacy
  • Anatomy, Histology
  • Biochemistry Psychology
  • Philosophy and Psychology, Medicine

दूसरा वर्ष

  • Obstetrics and Gynecology Infant Care
  • Forensic Medicine and Toxicology
  • Surgery including ENT, Dental and Homeo Therapeutics
  • Pathology of Microbiology
  • Homeopathic Materia Medica

तीसरा वर्ष

  • The Practice of Medicine and Homeo Therapeutics
  • Organon of Medicine
  • Surgery including ENT, Dental and Homeo Therapeutics
  • Obstetrics and Gynecology Infant Care and Homeo Therapeutics

चौथा वर्ष

  • Community Medicine
  • Homeopathic Materia Medica
  • The Practice of Medicine and Homeo Therapeutics
  • Repertory
  • Organon of Medicine

बी एच एम एस कोर्स जॉब

बी एच एम एस कोर्स की डिग्री प्राप्त कैंडिडेट को निम्न लिखित चिकित्सा के क्षेत्रों में जॉब के अवसर प्रदान किए जाते हैं:

  • चिकित्सा सलाहकार
  • शोधकर्ता
  • होम्योपैथिक प्रोफेसर
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ
  • फार्मेसिस्ट
  • अस्पताल प्रबंधक
  • होम्योपैथिक डॉक्टर
  • चिकित्सा सहायक
  • वैज्ञानिक

बी एच एम एस डिग्री प्राप्त कैंडिडेट, जॉब के अलावा निजी क्लीनिक या चिकित्सालय भी चला सकते हैं।

बी एच एम एस कोर्स के बाद Salary

बी एच एम एस कोर्स करने के बाद जब नौकरी या डॉक्टर के रूप में काम मिलता है, उस क्षेत्र में शुरुआत में लगभग 15 हज़ार रुपए से लेकर 30 हज़ार रुपए तक प्रति माह वेतन मिल सकता है। जैसे जैसे उनका अनुभव बढ़ता है, वैसे ही वेतन में भी वृद्धि होती है।

भारत में एक अनुभवी बी एच एम एस डिग्री धारक को लगभग 50 हजार रुपए से लेकर 70 हज़ार रुपए तक प्रति माह वेतन मिल जाता है।

इससे हम समझ सकते हैं कि बी एच एम एस कोर्स, मेडिकल फील्ड में इच्छुक किसी भी छात्र के कैरियर के लिए एक अच्छा विकल्प है। आप इस कोर्स को अपने अच्छे भविष्य के लिए चुन सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बी एच एम एस का फुल फॉर्म क्या होता है?

बी एच एम एस का फुलफॉर्म Bachelor of Homeopathic Medicine & Surgery होता है।

बी एच एम एस कोर्स कितने साल का होता है?

यह कोर्स 5 साल का होता है जिसमे 4 साल पढ़ाई और लैब में प्रेक्टिकल कराया जाता है, और आख़िरी 1 साल में इंटर्नशिप करवाई जाती है।

बी एच एम एस कोर्स की फीस कितनी होती है?

बीएचएमएस कोर्स की फीस सरकारी कॉलेज में लगभग 20 हजार रुपए से 60 हजार रुपए तक प्रति वर्ष होती है, और प्राइवेट कॉलेज में 50 हज़ार रुपए से 3 लाख रुपए तक प्रति वर्ष होती है।

निष्कर्ष

साथियों, हमें आशा है कि आपको हमारा ये लेख- BHMS Full form in Medical- BHMS Course Details in Hindi अच्छा लगा होगा। यह कोर्स कैरियर बनाने के लिए वाकई बहुत अच्छा है, बस इसमें समय ज्यादा लगता है। इसलिए जॉब की संभावनाएं प्रबल करने के लिए, किसी अच्छी कॉलेज से ही यह कोर्स करें।  

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