Debt Recovery Agent (DRA) Kaise Bane?

यदि आप 10th के बाद debt recovery agent के तौर पर अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को अच्छी तरह से पढ़ें। यहां आपको debt recovery agent Kaise Bane इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

आज भारत में ऐसे अधिकतर बैंक मौजूद है जिनके द्वारा दिए गए लोन की वापसी नहीं हो पाती है। ऐसे में वह इसे एनपीए (NPA – Non Performing Asset) घोषित कर देते हैं और इस लोन की प्राप्ति के लिए उन्हें debt recovery agent की ज़रुरत पड़ती है।

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क्या है DRA? – Debt Recovery Agent Kya Hota Hai

DRA का अर्थ है debt recovery agent. 10वी कक्षा के बाद यह कैरियर बनाने का एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके लिए आपको बहुत अधिक पढ़ाई करने की भी आवश्यकता नहीं है। यदि आप इस दिशा में अपना करियर बनाते हैं तो संभव है आप 20,000 से ₹30,000 तक महीने कमाई कर पाएंगे। इसके अलावा इस क्षेत्र में आप खुद का बिजनेस करके लाखों तक कमा सकते हैं।

Debt Recovery Agent Meaning – Debt Recovery Agent in Hindi

एक Debt recovery agent वह व्यक्ति होता है जो बैंक द्वारा दिए गए लोन की वसूली में बैंक की मदद करता है। बैंक द्वारा जब किसी व्यक्ति या संस्था या कंपनी को लोन दिया जाता है और वह काफी समय बीत जाने के बाद भी उसे वापस नहीं करते तो इस प्रकार के पैसे को बैंक NPA यानी non performing assets घोषित कर देते हैं। यह ऐसा पैसा होता है जिससे बैंक को कोई इनकम जनरेट नहीं हो रही होती।

इस पैसे को वसूलने के लिए बैंकों में एक अलग विभाग के तौर पर Debt Recovery Agent बनाया जाता है। परंतु कुछ बैंक ऐसे भी होते हैं जिनके पास यह विभाग नहीं होता। ऐसे में वह बैंक अपने लोन का भुगतान कराने के लिए किसी DRA एजेंसी से संपर्क करते हैं ताकि वह बैंक को उसके द्वारा दिए गए लोन को वापस दिलाने में मदद कर सके। इसके बदले बैंक एजेंसी को कुछ कमीशन भी प्रदान करते हैं जो कि एक अच्छी खासी अमाउंट होती है।

Debt Recovery Agent Kaise Bane

यदि आप debt recovery agent के तौर पर अपना करियर बनाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको एक सर्टिफिकेट कोर्स (Debt Recovery Agent Certificate Course) करना आवश्यक होगा। इस कोर्स को करने के लिए आप की शैक्षिक योग्यता 10वीं या 12वीं होना आवश्यक है। यदि आप ग्रेजुएट भी हैं तो भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं।

इस कोर्स को करने की फीस मात्र 5,000 से ₹10,000 तक की होती है। यानी कोई गरीब घर का बच्चा भी आसानी से इस कोर्स को कर सकता है। इसके लिए यह भी आवश्यक नहीं है कि आप किसी विशेष विषय में 10वीं या 12वीं पास हों। यदि आपने दसवीं या 12वीं किसी भी विषय से पास की हुई है तो आप debt recovery agent exam दे कर यह पद पा सकते हैं। इसके अलावा यह भी आवश्यक है कि आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तभी आप इस कोर्स के लिए आवेदन करने योग्य हो पाएंगे।

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Debt Recovery Course के लिए आवेदन कैसे करें?

इस कोर्स के लिए आवेदन करना बहुत ही आसान है। इसके लिए आप इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस की वेबसाइट http:/www.iibf.org.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके पश्चात आपको एक परीक्षा देनी होती है जिसमें आपसे 100 अंक के प्रश्न आपसे पूछे जाते हैं और इनमे से आपको केवल 50 अंक प्राप्त कर पास होना होता है। यह परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन कराई जाती है और इस में आने वाले प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप होते हैं।

इस कोर्स को करने के लिए बहुत ज्यादा समय की भी आवश्यकता नहीं होती। अधिकतर कोर्स की समय अवधि 6 महीने या 1 वर्ष होती है परंतु इस कोर्स के लिए आपको अपने बहुत कम समय देना पडेगा। हम आपको बता दें कि यदि आप 10वीं और 12वीं के बाद इस कोर्स को करने की सोच रहे हैं तो आपको इसके लिए 100 घंटे की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।

यदि आप बीए, बीएससी या बीकॉम कर चुके हैं या फिर आप अन्य किसी विषय में ग्रेजुएट हैं तो आपको केवल 50 घंटे की ही ट्रेनिंग लेनी होगी। परंतु यह ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है इसे लिए बिना आप एक debt recovery agent नहीं बन सकते।

DRA (Debt Recovery Agent) के रूप में करियर कैसे बनाएं?

एक Debt recovery agent के रूप में आप दो तरीके से अपना करियर बना सकते हैं, या तो आप किसी बैंक में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं या फिर आप अपनी खुद की एजेंसी खोल सकते हैं।

यदि आप पहले विकल्प को अपनाते हैं और किसी बैंक में debt recovery agent की नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको कोई विशेष दिक्कत नहीं होने वाली। क्योंकि अधिकतर बैंक समय-समय पर इस पद के लिए नौकरियां निकालते रहते हैं।

आज के समय में बैंकों की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई है और ज्यादातर बैंकों के द्वारा लोगों को और कंपनियों को लोन भी प्रदान किए जाते हैं। ऐसे में जरूरी नहीं होता कि उनके द्वारा प्रदान किए गए सभी लोग समय पर वापस कर दिए जायंगे। इस स्थिति से निबटने के लिए अधिकतर बैंकों को एक debt recovery agent की आवश्यकता होती ही है।

परंतु यदि आप दूसरे विकल्प का चुनाव करते हैं और स्वयं अपनी एक एजेंसी खोलने की इच्छा रखते हैं तो वह भी आप कर सकते हैं। यदि आप अपनी स्वयं की एजेंसी खोलते हैं तो इससे आपको अधिक मात्रा में लाभ मिल सकता है। आपकी आमदनी लाखों तक जा सकती है क्योंकि प्रत्येक रिकवरी पर आपको एक अच्छा कमीशन बैंकों द्वारा प्रदान कर दिया जाता है।

परंतु इस विकल्प में जितनी अच्छी आमदनी है उतना ही ज्यादा आपको ध्यान से काम करने की आवश्यकता है। आपको यह ध्यान रखने की जरूरत है कि आपके द्वारा किसी नियम का उल्लंघन ना किया जाए। उल्लंघन करने पर आपको नुकसान भी भुगतना पड़ सकता है। यह बिल्कुल व्यापार की तरह है।

इसके अलावा यदि आप स्वयं की एजेंसी खोलते हैं तो आपको ऐसी रणनीतियां विकसित करनी होंगी जिसके जरिए आपको अधिक से अधिक काम मिल सके क्योंकि जब आपको काम मिलेगा तभी आपकी आमदनी भी हो सकेगी।

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अपनी खुद की एजेंसी खोलने के लिए किन बातों का ध्यान रखें:

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यदि आप अपनी debt recovery agency खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अच्छी तरह नियम कानून समझ लेना चाहिए ताकि आगे आपको किसी दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

  • यदि आपकी अपनी एजेंसी है तो किसी भी वसूली के लिए जाते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास बैंक द्वारा दिया गया नियुक्ति पत्र होना चाहिए। आपको इसकी आवश्यकता पड़ सकती है, हो सकता है देनदार आपके सामने इसकी मांग रखें तो आप उसे यह दिखा सकते हैं।
  • इसके अलावा यह भी आवश्यक है कि आपको समय का ज्ञान हो, मतलब आपको यह पता होना चाहिए कि आप सुबह 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच ही देनदार से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
  • इसके अतिरिक्त यदि देनदार किसी अन्य समय पर आपसे मिलना चाहे तो उसे इस बात की पूरी छूट होती है।
  • यदि वसूली के समय या उसके आसपास देनदार के घर में कोई दुर्घटना हो जाती है और वह आपसे कुछ दिन का समय मांगता है तो ऐसे में आपको वह समय उसे देना होगा।
  • ध्यान रखें कि आपकी और देनदार के बीच जो भी बातचीत हो उसकी सूचना समय-समय पर बैंक को देते रहे।
  • इसके अतिरिक्त अपनी एजेंसी खोलने से पहले आपको चाहिए कि इस क्षेत्र में आप कुछ अनुभव प्राप्त कर लें यह आपके लिए अच्छा रहेगा। आप इसके लिए अपनी एजेंसी खोलने से पूर्व एक एजेंट के तौर पर कार्य कर सकते हैं और यह सीख सकते हैं कि किसी व्यक्ति कंपनी या संस्था के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है और वसूली की जाती है।
  • यदि आप अपनी एजेंसी खोलना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको अपना एक ऑफिस भी बना लेना चाहिए। यदि संभव हो तो अपना ऑफिस एक ऐसे स्थान पर बनाए जहां आसपास काफी संख्या में बैंक मौजूद हो। इसके अलावा उस ऑफिस का रेंट एग्रीमेंट या लीज एग्रीमेंट इत्यादि भी अपने पास रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप पता प्रमाण पत्र के तौर पर इनका इस्तेमाल कर सके।
  • इसके अलावा आपको अपने ऑफिस के लिए फर्नीचर कंप्यूटर फोन इत्यादि जैसे जरूरी सामानों की भी आवश्यकता पड़ेगी।
  • अपनी एजेंसी खोलने के लिए भी यह जरूरी है कि आपने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सर्टिफिकेट प्राप्त किया हो। तभी आप अपनी एजेंसी खोल सकते हैं या एजेंट के तौर पर काम कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप अपनी एजेंसी में किसी एजेंट की नियुक्ति करना चाहते हैं तो भी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उस व्यक्ति ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रखा हो।
  • इसके अतिरिक्त यदि आप चाहते हैं कि आपकी एजेंसी अच्छी चले तो आपको चाहिए कि अपने ग्राहक यानी बैंक और वित्तीय संस्थानों से काम प्राप्त करने के लिए आप सक्षम हो। इसके लिए आपको प्रभावी रणनीतियां विकसित करने की आवश्यकता होगी।

Debt Recovery Agent Salary

  • उपरोक्त बिंदुओं का ध्यान रखते हुए आप अपनी एजेंसी खोल सकते हैं और प्रति माह एक अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आप बैंक को 10,00,000 रुपए के लोन की रिकवरी करवाते हैं तो मान लीजिए यदि 8% कमीशन प्राप्त करें तब भी आपको ₹80,000 कमीशन के तौर पर प्राप्त हो जाते हैं। इस प्रकार यदि आप इससे ज्यादा तक की रिकवरी भी कराते हैं तो उसी अनुसार आपको कमीशन प्राप्त होगा।
  • इसके अतिरिक्त यदि आप किसी बैंक में एजेंट के तौर पर नौकरी भी प्राप्त करते हैं तब भी आपकी सैलरी संभव है 20,000 से 30,000 के बीच भी हो। केवल 10th पास करने के बाद यह एक अच्छी आमदनी होगी।

निष्कर्ष

तो साथियों मुझे आशा है कि आपको हमारा ये पोस्ट “Debt Recovery Agent Kya Hota Hai’, Debt Recovery Agent Kaise Bane, Debt Recovery Agent Salary आपको पसंद आया होगा। इससे सम्बंधित किसी विशेष जानकारी के लिए आप हमें कमेन्ट करके बता सकते हैं।

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