Psychology Kya Hai- 7 Popular Types of Psychology in Hindi

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Psychology Kya Hai: हम जानते हैं कि साइकोलॉजी और साइकोलॉजिस्ट जैसे शब्दों के बारे में आप सभी ने सुना ही होगा। परंतु क्या आप जानते हैं कि Psychology Kya Hai और साइकोलॉजिस्ट क्या होता है? यदि नहीं तो हमारा मानना है कि एक बार आपको यह आर्टिकल अंत तक जरूर पढ़ लेना चाहिए।

दरअसल आप में से बहुत से ऐसे लोग होंगे जो साइकोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। परंतु सही जानकारी के बिना किसी भी फील्ड में सफलता पाना थोड़ा कठिन हो जाता है। लेकिन आज हम आपको साइकोलॉजी से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।

तो दोस्तों! आइए जानते हैं Psychology Kya Hai, Psychologist Kaise Bane, Qualifications For Psychologist, Career in Psychology आदि के बारे में विस्तार से।

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Psychology Kya Hai- (What Is Psychology)

साइकोलॉजी में इंसान के दिमाग से संबंधित ज्ञान दिया जाता है जिसके अंतर्गत एक व्यक्ति के मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से जुड़ी हर चीज शामिल होती है। यहां तक कि एक इंसान का सामान्य व्यवहार, तनाव और अन्य दिमागी समस्याओं का निवारण भी साइकोलॉजी के आधार पर किया जाता है।

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साइकोलॉजिस्ट कौन होता है (Who is Psychologist)

दोस्तों! वर्तमान समय में हेल्थकेयर सेक्टर में अत्यधिक तरक्की हो रही है। ऐसे में सेहत से जुड़ी सभी समस्याओं का इलाज भी बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और डिप्रेशन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है।

इसके अलावा भी दिमाग से संबंधित कई अन्य समस्याएं हैं जिनका इलाज दवाइयों से संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में साइकोलॉजिस्ट ही अपनी अहम भूमिका निभाकर बिना दवाइयों के ऐसी बीमारियों का इलाज करता है। साधारण शब्दों में कहा जाए तो साइकोलॉजिस्ट एक ऐसा डॉक्टर है जो व्यक्ति के मन और मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का निवारण करता है।

उदाहरण के तौर पर कई लोगों में हीन भावना, अनिद्रा, तनाव, किसी चीज की लत लगना और भय आदि ऐसी समस्याएं हैं जिनका निवारण केवल साइकोलॉजिस्ट ही कर सकता है।

साइकोलॉजिस्ट कितने प्रकार के होते हैं (Types Of Psychologist)

Psychology Kya Hai

  • क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट: Clinical Psychologist का कार्य रोजमर्रा की stress, insomnia आदि जैसी समस्या को ठीक करना होता है।
  • डेवलपमेंट साइकोलॉजिस्ट: डेवलपमेंट साइकोलॉजिस्ट द्वारा बच्चों के दिमागी विकास के लिए माता पिता और अध्यापक गण को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं। जैसा कि अगर किसी बच्चे के दिमागी विकास में किसी तरह की बाधा है तो उसे दुरुस्त करने हेतु Development Psychologist मदद करता है।
  • क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट: Criminal Psychologist द्वारा अपराधी के दिमाग में चलने वाली गतिविधियों को भांप कर सही रास्ते पर ले जाने का ज्ञान दिया जाता है।
  • कॉग्निटिव साइकोलॉजिस्ट: इसमें व्यक्ति की feelings और याददाश्त संबंधित पढ़ाया जाता है। मतलब कि किसी भी वस्तु को देखकर व्यक्ति के हृदय में जो भी विचार आते हैं, बस उसी का अध्ययन कॉग्निटिव साइकोलॉजिस्ट को करवाया जाता है। Cognitive Psychologist की डिमांड पिछले गत वर्षों में काफी बढ़ चुकी है।
  • सोशल साइकोलॉजिस्ट: इसमें हर व्यक्ति का समाज के प्रति व्यवहार और सोसाइटी में आने वाली समस्याओं को दुरुस्त करने का तरीका बताया जाता है।
  • हेल्थ साइकोलॉजिस्ट: कई ऐसे लोग होते हैं जो चाह कर भी अपनी सेहत के प्रति जागरूक नहीं रह पाते हैं। मतलब कि जिन लोगों को नशा करने की लत होती है उनमें सुधार लाने के लिए Health Psychologist महत्वपूर्ण रोल अदा करता है।
  • ऑर्गेनाइजेशनल साइकोलॉजिस्ट: ऑर्गेनाइजेशनल साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति खास तौर पर बड़ी कंपनी द्वारा की जाती है। कंपनी में नौकरी के लिए साक्षात्कार देने वाले इंप्लाइज की स्किल्स का आंकलन करने के लिए Organisational Psychologist मददगार है।

मित्रों! Psychology Kya Hai? साइकोलॉजिस्ट कौन होता है? के बारे में तो आप अच्छी तरह से जान ही चुके हैं। लेकिन हमारा मानना है कि आपको साइकेट्रिस्ट क्या होता है? संबंधित जानकारी भी होनी चाहिए ताकि आप मनोविज्ञान में अपना बेहतरीन करियर बना सके।

साइकेट्रिस्ट क्या होता है (What is Psychiatrist)

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अधिकतर लोग साइकेट्रिस्ट और साइकोलॉजिस्ट में स्पष्ट रूप से अंतर नहीं कर पाते हैं। परंतु साइकोलॉजिस्ट और साइकेट्रिस्ट एक-दूसरे से काफी अलग है। साइकोलॉजिस्ट केवल थेरेपी द्वारा व्यक्ति का मनोवैज्ञानिक इलाज कर सकता है। लेकिन एक साइकेट्रिस्ट थेरेपी के साथ-साथ दवाइयों द्वारा भी दिमागी इलाज करता है।

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12वीं के बाद मनोविज्ञान में करियर (Career in Psychology after 12th)

Psychology Kya Hai- मनोविज्ञान में अपना करियर बनाने के लिए आपको 11वीं कक्षा से ही मनोविज्ञान की पढ़ाई एक आवश्यक विषय के रूप में करनी होगी। इसके बाद आप साइकोलॉजी में बैचलर और मास्टर डिग्री ले सकते हैं। Bachelor in Psychology की समय अवधि 3 वर्ष और Master in Psychology की 2 वर्ष निर्धारित की जाती है। साथ ही साइकेट्रिस्ट बनने के लिए एमबीबीएस की डिग्री लेना अनिवार्य है।

यदि आप चाहें तो मास्टर इन साइकोलॉजी की डिग्री लेने के उपरांत साइकोलॉजी के किसी भी क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं। साइकोलॉजी में स्पेशलाइजेशन कोर्स करने के लिए Social Psychology, Consumer Psychology, Clinical Psychology, Child Psychology, Industrial Psychology आदि विकल्प का चयन कर सकते हैं।

हालांकि अपनी शैक्षणिक योग्यता को पूर्ण करने के पश्चात आपको भारतीय पुनर्वास परिषद में रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है। Rehabilitation Council of India से रजिस्टर होने के उपरांत ही आप एक सर्टिफाइड साइकोलॉजिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।

साइकेट्रिस्ट और साइकोलॉजिस्ट में क्या अंतर है

साइकेट्रिस्ट बनने के लिए आपको एमबीबीएस की डिग्री लेनी होगी। बल्कि साइकोलॉजिस्ट बनने के लिए आप M.A या M.sc in Psychology की डिग्री ले सकते हैं।

हालांकि साइकोलॉजिस्ट और साइकेट्रिस्ट दोनों ही प्रोफेशनल डॉक्टर की श्रेणी में आते हैं। परंतु फिर भी इन दोनों में काफी अंतर माना जाता है। दरअसल साइकेट्रिस्ट एक मानसिक रोगी को मेडिसिन देने का अधिकार रखता है। लेकिन साइकोलॉजिस्ट केवल काउंसलिंग के माध्यम से दिमागी इलाज कर सकता है।

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साइकोलॉजी में करियर संभावनाएं (Career Scope in Psychology)

Psychology Kya Hai- साइकोलॉजी के क्षेत्र में प्रतिदिन नई नई संभावनाएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में आप एक साइकोलॉजिस्ट और साइकेट्रिस्ट के रूप में प्राइवेट और गवर्नमेंट किसी भी सेक्टर में अपना भविष्य बना सकते हैं। आप अपनी रुचि अनुसार Hospital, Research Organization, School, College, Private Industry आदि में जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं।

साइकोलॉजी में डिग्री लेने के बाद आप lecturer, प्रोफेसर और counselor के रूप में भी अपना करियर शुरू कर सकते हैं। हालांकि एक साइकेट्रिस्ट के रूप में आप किसी भी हॉस्पिटल में जॉब करने के अलावा खुद का क्लीनिक भी शुरू कर सकते हैं। आइए, साइकोलॉजी में करियर के बारे में जानते हैं विस्तार से।

काउंसलर: आजकल की जनरेशन में तनाव, नींद ना आना, रिलेशनशिप स्ट्रेस आदि जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में काउंसलर लोगों के दिमाग की स्थिति को समझ कर उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करने में मदद करता है।

एजुकेशन सेक्टर: साइकोलॉजिस्ट के रूप में एजुकेशन सेक्टर में भी कई तरह की सेवाएं प्रदान करने का मौका मिलता है। किसी भी स्कूल या कॉलेज में नौकरी प्राप्त करने के उपरांत ₹20000 से लेकर ₹30000 हर महीने कमा सकते हैं।

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट: क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के रूप में खुद का करियर शुरू करने के लिए आपको M. Phil की डिग्री लेना जरूरी है। इसमें आप लोगों की सभी प्रकार की दिमागी परेशानियों को दूर करके अच्छी इनकम कर सकते हैं।

ऑर्गेनाइजेशन और रिसर्च

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बड़ी कंपनी में employees का साक्षात्कार लेने के लिए साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाती है। इसके आधार पर ही आप आरंभिक स्तर पर ₹30000 की सैलरी ले सकते हैं। इसके अलावा साइकोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च के आधार पर भी अच्छी कमाई की जा सकती है। परंतु इसके लिए आपके पास पीएचडी की डिग्री होना आवश्यक है।

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साइकोलॉजिस्ट/ साइकेट्रिस्ट की सैलरी (Salary of Psychologist/Psychiatrist)

साइकोलॉजी के क्षेत्र में मिलने वाली सैलरी आपके अनुभव और विशेषज्ञता पर आधारित होती हैं। मनोविज्ञान सेक्टर में आप आरंभिक स्तर पर ही 15 से ₹20000 प्रतिमाह कमा सकते हैं। परंतु आपके एक्सपीरियंस के आधार पर यह सैलरी ₹50000 से लेकर ₹100000 तक भी हो सकती है।

यदि आप साइकेट्रिस्ट के रूप में खुद का करियर शुरू करते हैं तो आप जूनियर रेजिडेंशियल डॉक्टर की पोस्ट पर 40 हजार रुपए से लेकर 70 हजार रुपए प्रतिमाह कमा सकते हैं। बल्कि एक सीनियर साइकेट्रिस्ट बनकर ₹50000 से लेकर डेढ़ लाख रुपए हर महीने ले सकते हैं।

Psychology Course

● B.A in Psychology

● B.A Honors In Psychology

● B.sc in Applied Psychology

● P.G Diploma in Guidance And Counseling

● P.G Diploma in Child Psychology Care and Management

● P.G Diploma in Clinical Psychology

● PhD in Psychology

● MBBS Psychiatrist etc.

Best Institute For Psychology Course

● अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ

● अंबेडकर यूनिवर्सिटी, न्यू दिल्ली

● एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एलाइड साइंस, नोएडा

● बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी

● क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर

● दिल्ली यूनिवर्सिटी, न्यू दिल्ली

● फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे

● इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, न्यू दिल्ली

● जामिया मिलिया इस्लामिया, न्यू दिल्ली

● मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर

● पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़

● शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा

● जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली

● सोफिया कॉलेज फॉर विमेन, मुंबई

● माउंट कार्मेल कॉलेज, बैंगलोर

● लोरेटो कॉलेज, कोलकाता

निष्कर्ष

तो दोस्तों, आज के इस महत्वपूर्ण आर्टिकल में हमने आपको Career in Psychology in Hindi, Psychology me Career Kaise Banaye के बारे में सभी प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से उपलब्ध कराई है।

हम आशा करते हैं कि आपको Psychology Kya Hai, Psychologist Kaise Bane, Psychiatrist Kaise Bane, मनोवैज्ञानिक कैसे बने आदि संबंधित पूरी जानकारी मिल गई होगी। यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा साझा करें ताकि हर व्यक्ति तक साइकोलॉजी में करियर बनाने संबंधित सही जानकारी पहुंच सके।

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