Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi- नौकरी पाने के लिए हनुमान चालीसा के बोल

hanuman-chalisa-lyrics-in-hindi-नौकरी-पाने-के-लिए-हनुमान-चालीसा
Naukri Paane Ke Liye Hanuman Chalisa Ka Jaap: Image Created at Canva

Hanuman Chalisa Lyrics: नौकरी पाना, आजकल के समय में हर व्यक्ति का सपना होता है। नौकरी के बिना जीवन अधूरा सा लगता है, क्योंकि यह हमारे जीवन की आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि का माध्यम होता है। हर किसी के पास अच्छी नौकरी पाने की ख्वाहिश होती है, लेकिन यह कई बार असाध्य दिखाई देता है।

इसलिए, कई लोग धार्मिक अनुष्ठान करके नौकरी पाने का प्रयास करते हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा है “हनुमान चालीसा” का पाठ करना, जिसमें हनुमान जी की महिमा का गान होता है और उनकी कृपा को प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। इस लेख में, हम “हनुमान चालीसा” के बोल और उनका महत्व पर गहरा प्रकाश डालेंगे, जिससे नौकरी पाने के लिए आपको मदद मिल सकती है।

Contents show

हनुमान चालीसा का महत्व

“हनुमान चालीसा” हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण मान्यता रखती है। यह चालीसा प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान की महिमा का गान करती है और उनकी कृपा को प्राप्त करने का प्रयास करती है। “हनुमान चालीसा” का पाठ भक्तों द्वारा संवाद में किया जाता है, और इसका महत्व भारतीय साहित्य और धार्मिक परंपरा में अत्यधिक है।

नौकरी की तलाश में भी यह एक महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है क्योंकि हनुमान जी के नाम पर यह माना जाता है कि वे नौकरी के लिए भक्तों की सुनते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

तुरंत असर करने वाले 90+ Best Motivational Quotes in Hindi for Students Life

हनुमान चालीसा के बोल– Hanuman Chalisa Lyrics

“हनुमान चालीसा” के बोल बहुत ही प्रेरणास्पद होते हैं, और यहां हम कुछ महत्वपूर्ण बोल प्रस्तुत कर रहे हैं:

1. श्रीगुरु चरण सरोज रज, निजमन मुकुर सुधारि।

“हनुमान चालीसा” की प्रारंभिक पंक्ति है, जिसमें चरणों के समर्पण की भावना है। इसमें व्यक्ति को अपने मन और बुद्धि को पवित्र करने की प्रेरणा मिलती है, जिससे वह अपनी भूलों को सुधारता है। आप भी अपनी भूलों और गलतियों को ढूंढें और सुधार करें।

2. बलबुद्धिबिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।

यह पंक्ति व्यक्ति को बल, बुद्धि, और विद्या की प्राप्ति के लिए बढ़ता है, जिससे उसकी मानसिकता में पॉजिटिव बदलाव आता है। यह व्यक्ति को उसकी आत्मा के महत्व को समझने की दिशा में प्रोत्साहित करता है और उसे उसकी मानसिकता को सुधारने का रास्ता दिखाता है।

3. रामदूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवनसुत नामा।

यह पंक्ति हनुमान जी के गुणों और महात्मा वीरता का गान करती है, जिससे व्यक्ति को अद्वितीय बल मिलता है और वह अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अपने जीवन को समर्पित करता है। आप भी अपना लक्ष्य बनाईये और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहिये।

4. महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति केसंग।

यह पंक्ति व्यक्ति की महावीरता और सुमति (सही तरीके से सोचने की क्षमता) में वृद्धि होती है, जिससे वह समस्याओं का सही समाधान निकाल सकता है। याद रखिये, समस्याएं भी आपकी परीक्षा का एक अंग होती हैं इसलिए इन्हें स्वीकार करें और इन पर काम करके विजय हासिल करें।

5. कंचन बरण बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा।

यह पंक्ति हनुमान जी की शोभा और आलंब में विशेष उल्लेख है, जो उनके दिव्य स्वरूप को दर्शाती है। यह व्यक्ति को आत्मसमर्पण की भावना बढ़ती है और उसे अपने आत्मविश्वास में सुधार होता है। जब इंसान को खुद पर विश्वास होने लगता है कि वह पहाड़ लांघ सकता है, हर समस्या का मुकाबला कर सकता है तब वह हर दिशा में सफल होने लगता है।

6. हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै, कांपे मूँद जनेऊ साजै।

यह पंक्ति बताती है कि हनुमान जी के हाथ में बज्र और ध्वजा है, जो उनकी महाकाय की महानता का प्रतीक है। इसमें भक्त को धार्मिक दायित्व का पालन करने की प्रेरणा भी मिलती है। आपके हाथ में कलम और पुस्तक है, आप इन दोनों की मदद से अपना भविष्य खुद लिख सकते हैं।

“हनुमान चालीसा” का पाठ

“हनुमान चालीसा” का पाठ करने के लिए आपको यह कदम-कदम पर आगे बढ़ने की जरूरत होती है:

1. प्रारंभ करें शुभ ग्रहण के साथ

“हनुमान चालीसा” का पाठ करने से पहले, आपको शुभ ग्रहण करना चाहिए। आप अपने पूजा स्थल को शुद्ध कर सकते हैं और अपने मन में श्री हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और आस्था रखें।

2. हनुमान चालीसा का पाठ करें

“हनुमान चालीसा” का पाठ करने से पहले, ध्यान से उसके बोलों को सुनें और समझें। फिर आप ध्यानपूर्वक और भक्ति भाव से उन बोलों को पढ़ सकते हैं। यह आपकी मानसिकता को पॉजिटिव रखने में मदद करेगा।

3. नियमितता बनाएं

“हनुमान चालीसा” का पाठ करने से पहले, आपको यह नियमित रूप से करने का प्रतिबद्ध रहना चाहिए। आप इसे रोजाना एक ही समय पर पढ़ सकते हैं, जैसे की सुबह या शाम।

4. विश्वास और समर्पण

“हनुमान चालीसा” का पाठ करते समय, आपको विश्वास और समर्पण के साथ करना चाहिए। आपको यकीन होना चाहिए कि हनुमान जी आपकी मदद करेंगे और आपको नौकरी दिलाएंगे।

नौकरी मिलने के बाद क्या करें

“हनुमान चालीसा” का पाठ करके जब आपको नौकरी मिलती है, तो आपको उसका सही तरीके से समर्पित करना चाहिए। नौकरी प्राप्ति के बाद, यदि आप नियमितता और मेहनत से काम करते हैं, तो आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

1. कर्मठता से काम करें

नौकरी प्राप्ति के बाद, आपको कर्मठता से काम करना चाहिए। आपको अपने कार्य में समर्पित रहना चाहिए और सच्ची मेहनत करनी चाहिए।

2. संयम और ध्यान रखें

नौकरी प्राप्ति के बाद भी, आपको संयम और ध्यान रखने की आवश्यकता है। आपको अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूरी तरह से समर्पित रहना चाहिए।

निष्कर्ष

“हनुमान चालीसा” का पाठ एक धार्मिक अनुष्ठान हो सकता है, लेकिन इसका महत्व और प्रभाव व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण हो सकता है। नौकरी प्राप्ति के बाद, यदि आप नियमितता और मेहनत से काम करते हैं, तो आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

  • “हनुमान चालीसा” का पाठ नौकरी प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
  • इस चालीसा के बोलों (Hanuman Chalisa Lyrics) में हनुमान जी की महिमा और उनके गुणों का वर्णन होता है।
  • नौकरी प्राप्ति के बाद भी, व्यक्ति को मेहनत और संयम बनाए रखना चाहिए।

“हनुमान चालीसा” का पाठ एक धार्मिक अनुष्ठान हो सकता है, लेकिन यह व्यक्ति को सही मार्ग पर ले जाने में मदद कर सकता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

Sharing Is Caring:

नमस्ते, मेरा नाम प्रतिमा आदित्य है। मैंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 2003 में आर्ट्स में स्नातक किया है। मुझे हर स्तर पर युवाओं के करियर को आकार देने के लिए उनका मार्गदर्शन करना पसंद है। मैं पिछले 5 सालों से इंटरनेट, सोशल मीडिया और अन्य प्रोफेशनल लोगों के संपर्क में हूँ और उनके अनुभवों और जानकारी के समन्यव एवं अपने ब्लॉग के माध्यम से लोगों को करियर संबंधी जानकारी प्रदान कर रही हूँ।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x